
Ranjan Kumar
मैं अपने जीवन में जब भी भौकाल की तरफ आकर्षित होता हूँ, तो पहला प्रश्न यही उठता है कि ये सब किसके लिए? क्या ये जो भौकाली दिखा रहे हैं, इससे उनकी बेचैनी मिट रही है? तो ये सब किसके लिए? मुझे यह साफ दिखाई देता है कि इसके पीछे स्वार्थ है नाम का स्वार्थ, इज्जत और सम्मान पाने का स्वार्थ।
















