
जब भी मैं महादेवी वर्मा जैसी महान स्त्रियों के जीवन वृतांत को पढ़ती हूं तो उनके आगे नतमस्तक हो जाती हूं और एक गहरी शांति, मेरे स्वयं के जीवन का अफसोस कि मैं उनकी महानता के पीछे स्वयं के छुट्पन को छुपा लेती हूं।जब इन जैसी स्त्रियों का जीवन मेरे लिए प्रेरणादायक है तो मैंने स्वयं क्यों नहीं इसे जीवन में साधा और अब भी बस पढ़ती हूं विचार करती हूं और छोड़ देती हूं। खुद की परिस्थितियों से बाहर निकलने का साहस बहुत गहरे से भीतर दबा रखा है, जो अब मीट सा…





























