
मेरे जीवन में परिस्थितियों द्वारा तय की गई सीमाएँ बहुत कम हैं, क्योंकि मेरी परिस्थितियाँ कुल मिलाकर अच्छी हैं। हाँ, घर की कुछ आर्थिक ज़िम्मेदारियों के कारण मुझे वर्तमान में ऐसी डिग्री करनी पड़ रही है और अपने समय व विकल्पों को उसी के अनुसार देखना पड़ रहा है। यही मेरे लिए एक वास्तविक परिस्थिति-जनित सीमा है। मुझे लगता है कि मैंने अपने बारे में “मैं आलसी हूँ”, “अब रात हो गई है और मैं थक गई हूँ, अब मुझसे नहीं होगा” जैसी धारणाएँ बना ली हैं। कई बार मै…
















