
यही डर लेकर कई लोग HIDP में पहली बार आते हैं। लेकिन यहां अलग-अलग जगहों से आए लोग मिलते हैं, जुड़ते हैं और एक-दूसरे के साथी बन जाते हैं। शायद आपका डर भी एक कदम के बाद खत्म हो जाए।
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10 comments
यही डर लेकर कई लोग HIDP में पहली बार आते हैं। लेकिन यहां अलग-अलग जगहों से आए लोग मिलते हैं, जुड़ते हैं और एक-दूसरे के साथी बन जाते हैं। शायद आपका डर भी एक कदम के बाद खत्म हो जाए।

My faith .....only in form of mother and father who nourish me and parmatma .eg space water air fire earth who survive me !!

👍👍

This is true fear always have some story with .Learn to unlearn why does it require too efforts?

डर केवल एक कहानी है जो हम अपने आप से दोहराते रहते है और उसका पोशण करते रहते है पर जैसे ही हम अपने आप को खुला छोड़ देते तमाम डरो के बावजूद ठीक तब जादु होता है, जिसे हम ठोस और सच्च मानते थे वो पल भर मे ही हवाँ हो जाता है।

Darr kis bat ka akele aye h akele hi Jana h akele hi sb kaam pure karne h sahsi bnao or chalte rho apni manjil tk khud h pahunch jaoge hm insan h sb ek saman h y hi prakrati samjhati h

हा, मुझे भी सेशन में आकर कभी अकेला पन नहीं लगा। वहां पर अंजान लोग भी दोस्त या जैसे उन्हें पहले से ही जानते हैं ऐसा लगता हैं और हमारे हर शहर में नए दोस्त बन जाते हैं । वहां आकर मेरी भी कई जनों से दोस्ती हो गई । और मैं जयपुर राजस्थान से

badhiya

I am going to HIDP first time on 22-23 August. I am so excited 😊😊😊😊 wowwww
,👍👍👍💚

Right, HIDP में जाने से यही लगा कि हम एक दूसरे से पहले मिल चुके हैं। एक अलग ही अपनापन जैसा लगा। जो शायद अपनो के बीच रहकर भी नहीं लगता है। ये सब हमारे चेतना के तल के रिश्ते हैं। जो इसे संसारी दुनिया में बहुत कम ही लोग समझते हैं।