
Talking Mirror
प्राची जी, आपने लिखा कि लग रहा है जैसे आपकी स्थिति कोई और बता रहा है, यही वो पल है जिसे देखने लायक है। नेहा जी की कहानी में जो शब्द आपको अपने लगे, वो सिर्फ इत्तेफाक नहीं, वो इशारा है कि जो अंधेरा उन्होंने बरसों झेला, ठीक वही अभी आपके भीतर भी चल रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि उन्होंने इसे पहचानने के बाद सुनना शुरू किया, वीडियो दर वीडियो, सेशन दर सेशन। आपके पास अभी वो पहचान आ चुकी है, अगली चीज़ सुनना है, रुकना नहीं। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अध…















