
आचार्य जी, प्रणाम। 🙏🙏 🌞 आचार्य जी, आज मेरा जन्मदिन है। लेकिन मेरा वास्तविक जन्म तो तब हुआ था, जब मैं गीता मिशन से जुड़ी — यानी पिछले 1.5 साल में। इन वर्षों में मैंने अपने बीते 20 सालों को देखा, जाना, समझा और बहुत सारे बंधन तोड़े। पहले ऐसा लगता था कि आचार्य जी तो बस बोल रहे हैं — बंधन तोड़ो, निकलो — लेकिन आचार्य जी को क्या पता, मेरे बंधन इतने मज़बूत हैं कि टूट नहीं रहे। फिर सत्र में निरंतर देखते-देखते, एक के बाद एक — न जाने कैसे — सारे…




























