
जब कल मोबाइल खरीदने बाजार गई तो एक पागल मुझे और मम्मी को अजीब नजरों से देख रहा था। पहले तो आगे बढ़ जाती, लेकिन कल रुककर मैंने और मम्मी ने दो मिनिट्स उसे घूरा और गलियां कर आईं। मुझे गुस्सा आता है कि कुछ कुछ पुरुषों को छोड़कर अधिकतर पुरुषों की नजरें घाटियां क्यों है? चाहे वो कॉलेज का मेरा प्रोफेसर भी क्यों न हो जिसकी नजरें मेरे आंखों से नीचे छाती पर टीक जाती हैं और मैं असहज हो जाती हूं। जिस कारण कॉलेज छोड़ने का मन करता हैं,लेकिन छोड़ूंगी नहीं । कत…
















