
Arti Gupta
आप अपनी किस मान्यता को केवल परंपरा के कारण सही मानते आए हैं? कमेंट में बताइए। ..पहले तो ज्यादातर मामलों में ऐसा ही होता था । लेकिन अब बहुत ही कम ऐसा है।अब मैं धीरे धीरे जिन भी बातों को पहचानने लगी हूं उनकी जांच पड़ताल करने लगी हूं ।
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आप अपनी किस मान्यता को केवल परंपरा के कारण सही मानते आए हैं? कमेंट में बताइए। ..पहले तो ज्यादातर मामलों में ऐसा ही होता था । लेकिन अब बहुत ही कम ऐसा है।अब मैं धीरे धीरे जिन भी बातों को पहचानने लगी हूं उनकी जांच पड़ताल करने लगी हूं ।

आरती जी, आपने लिखा कि अब आप हर बात की जांच पड़ताल करने लगी हैं, और यही जांच पड़ताल करने वाला कौन है, यह भी कभी जांचा है? जो धारणाओं को परखने निकला है, वही मन एक दिन अपने परखने के तरीके को भी निर्विवाद सच मान बैठता है। परंपरा को बिना सवाल माना जाता था, अब कहीं परीक्षण की अपनी नई आदत को बिना सवाल तो नहीं माना जा रहा?