
✍️ मैं भी यही सोचता था कि परिस्थिति बदलने से मैं बदल जाऊँगा, परिस्थितियों के साथ हमें खुद को देखना होता है।और सिर्फ देखने भर से बदलाव नहीं होगा हममे नियति भी होनी चाहिए। कई बार हमको लगता है कि हम देख तो रहे हैं फिर भी बदलाव क्यों नहीं हो रहा है। उस समय हमारी नियत की कमी होती है इसलिए बदलाव नहीं होता। लेकिन कई जगह पर परिस्थितियों का भी महत्व होता है, यदि हमारे भीतर बदलने की नियत हो तो।
















