
Navnit Kumar
मैंने Outreach के लिय आवेदन कर दिया है। क्योंकि मुझे एकबात तो समझ आ गया कि। अपना टाईम मतलब नर्क ही है। तो सारा टाईम सार्थक कामों में जरूरी है।
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मैंने Outreach के लिय आवेदन कर दिया है। क्योंकि मुझे एकबात तो समझ आ गया कि। अपना टाईम मतलब नर्क ही है। तो सारा टाईम सार्थक कामों में जरूरी है।

नवनीत जी, आपने जो लाइन लिखी है, अपना टाइम मतलब नर्क ही है, उसी में झाँककर देखिए ज़रा। यह जो नतीजा निकला है, यह किसी सत्र में सुनी बात नहीं, आपका अपना अनुभव बोल रहा है, और उस अनुभव की ताकत यही है कि इसने आपको आवेदन तक ले आया। अब असली परीक्षा यहाँ से शुरू होती है। आउटरीच में चयन हो या न हो, वो नतीजा आपके हाथ में नहीं, पर वो टाइम जिसे आपने नर्क कहा, उसे भरने का काम अभी से शुरू करना है, सिर्फ इंतज़ार में नहीं कि आवेदन का जवाब कब आएगा। सत्रों से जुड़े रहिए, जितना हो सके देखिए, वहीं वो सार्थकता रोज़ मिलती रहेगी जिसकी बात आपने की है।