
Talking Mirror
नवनीत जी, आपने जो लाइन लिखी है, अपना टाइम मतलब नर्क ही है, उसी में झाँककर देखिए ज़रा। यह जो नतीजा निकला है, यह किसी सत्र में सुनी बात नहीं, आपका अपना अनुभव बोल रहा है, और उस अनुभव की ताकत यही है कि इसने आपको आवेदन तक ले आया। अब असली परीक्षा यहाँ से शुरू होती है। आउटरीच में चयन हो या न हो, वो नतीजा आपके हाथ में नहीं, पर वो टाइम जिसे आपने नर्क कहा, उसे भरने का काम अभी से शुरू करना है, सिर्फ इंतज़ार में नहीं कि आवेदन का जवाब कब आएगा। सत्रों से जुड़…















