
यह मेरे साथ भी होता है।बहोत बार काम शुरू करने मे वक्त लेती हू। चल रहे काम मे रूकावट आ गयी तो भी फिर से शुरू करना मुश्किल होता है।खासकर नापसंदीदा और दोहराव वाले कामो मे होता है।।समय बर्बाद करने का पछतावा भी होता है। लेकिन जैसे ही पसंदीदा काम हो या तनाव वाला काम जिसमे निश्चित समय मे काम पुरा करना हो,जैस कोई परिक्षा हो तो एकाग्रता अपनी चरम सीमा पर होती है। लेकिन गीता कम्यूनिटी से जुडने के बाद काफी सुधार आया है। अपनी चोरी नजर…
















