
कल पुरानी बातों को लेकर इतनी उथल - पुथल मन में चल रही थी और आज ये पोस्ट सामने आ गई😄, इसकी वजह बस इतनी थी जब कोई काम न हो तो पुरानी बातों को याद करके जबरदस्ती रोती हूं, ऐसा करने पर लगता है कि मैं कोई बहुत महान व्यक्ति हूं जिसने बहुत दर्द सहा है और जिस व्यक्ति के लिए रोती हूं वो बुरा इंसान है। यह कहानी हर पंद्रह, बीस दिन में अपने आपको सुनाती हूं और रोने लगती हूं,अब तो हालत ऐसी हो गई है और कहानी इतनी पुरानी की बीच बीच में भूल भी जाती हूं मैं कहाँ…
















