
Ishika sharma
ऐसी बहुत सी जगह है जहां मै सीधे देखने के बजाय किसी और बात ध्यान करती हु और अपने आप को कोसती रहती हूं। ऊपर से इतना ज्यादा सोचने लगती हूं खुद को बीमार कर देती हूं। जबकि पता है ये अंहकार का एक तरह से भटकाने है। मै ये देख नहीं पाती इसके पीछे वजह क्या है। इसलिए किसी और बात पर ध्यान देने लगती हूं
















