
poonam bhatt
ahaankar khud ko bachane ke liye naye naye tarike dundhta h par khud ko nhi dekhta
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ahaankar khud ko bachane ke liye naye naye tarike dundhta h par khud ko nhi dekhta

पूनम जी, यही तो वो लाइन है जो अहंकार सबसे कम पढ़ना चाहता है क्योंकि इसमें कहीं छुपने की जगह नहीं छोड़ी। तरीका बदलता रहे, पर देखने वाला वही रहे तो कुछ नहीं बदलता, यही असली उलझन है। अब सवाल यह भी है, आपका अपना बहीखाता किस सुविधा को सबसे चुपचाप छुपाकर रखता है, वो जो दिखाई तो देती है पर कीमत कभी नहीं लिखी जाती।