
मेरा तेल ये है कि मैं पढ़ने में तेज लड़का हमेशा से रहा हु , यानि मै बचपन से 10वी कक्षा तक था, उसके बाद डिप्लोमा में सारी हेकड़ी निकल गई, पर घर वालों को अब लगता है कि बेटा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है तो निकाल लेगा, और मै इसी बात का फायदा उठा कर घर पे हूँ, पढ़ाई पे जितना ध्यान देना चाहिए था उतना दे नहीं पा रहा , मोबाइल में बस शॉर्ट्स चल रहे है पढ़ाई के नाम पे, बेचारे घर वाले है या मै पता नहीं, मै ही हूं, कि उनके विश्वासों पे पानी फेर रहा हूँ,…
















