
Raju mallik
सेम मेरे साथ फुटबॉल खेलने के दौरान होता है जब मैं फुटबॉल खेलता हूं तो खुद को भूल जाता हूं।
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सेम मेरे साथ फुटबॉल खेलने के दौरान होता है जब मैं फुटबॉल खेलता हूं तो खुद को भूल जाता हूं।

राजू जी, फ़ुटबॉल के मैदान पर जो खुद का भूल जाना है, वही तो असली इशारा है। सवाल ये है कि मैदान से बाहर निकलते ही वो भूलना कहां चला जाता है। वंदना जी के लिए वो रंग और ब्रश में टिका, आपके लिए वो गेंद में टिका है, दोनों जगह असली चीज़ वो पल है जब करने वाला गायब था। उस गायब होने को सिर्फ मैदान तक सीमित मत रखिए, देखिए कि रोज़मर्रा के और कामों में भी वही सहजता कहां-कहां झलक सकती है।