
हम सस्ते सामान इसलिए खरीदते है क्योंकि हमारी जीवन जीने की शैली ही सस्ती होती है, कम गुणवत्ता वाली बीतता हुआ दिन का जीवन होता है, हर बीतते हुए दिन के साथ हमारा जीवन भी सस्ता होता जाता है, क्योंकि हम ख़ुद अधूरे है, इसी अधूरेपन को भरने के लिए सस्ती से सस्ती कोई भी चीज के साथ, फैसले के साथ, रिश्तों के साथ या ख़ुद को ही देखने के साथ हमेशा एक क्वालिटी ऑफ लाइफ़ से समझौता करते है,
















