
मैने यहाँ पड़ा कि औरत होती नहीं पर बनाई जाती है और उने औरत में बनाता मतलब अंहकार पर स्त्रीयों ने इस का विरोध कियू नहीं किया और मैने किसी से सुना था कि स्त्री की शत्रु स्त्री होती हैं एक स्त्री ही दूसरी स्त्री को लोक व्यवहार सिखाती हैं और वह ही उसे परेशान करती है और उसे अहसास कराती हैं की वो स्त्री है और पुरूष इसमें सीधे रूप से नहीं होता पर इसमें स्त्री क्यों दूसरी स्त्री तैयार करती हैं और वह अहंकार है या और कोई ओर ये अहंकार किस्मे होगा क्या ये स…
















