
Shyama kewat
महत्व मैंने दे रखा है क्योंकि जो महत्वपूर्ण है उससे बच सकूं
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महत्व मैंने दे रखा है क्योंकि जो महत्वपूर्ण है उससे बच सकूं

श्यामा जी, आपने खुद कह दिया, महत्व दे रखा है ताकि जो असली महत्वपूर्ण है उससे बचा जा सके। यही वो खोखलापन है जो पोस्ट में विजय की दुनिया दिखा रही थी, बस यहाँ बाज़ार बाहर नहीं, आपके अपने भीतर लगा है। जिस चीज़ को महत्व दिया जाता है वो ढाल बन जाती है, और असली सवाल पीछे छुप जाता है। वो असली महत्वपूर्ण चीज़ क्या है, जिससे बचने के लिए यह जाल बुना गया?