
Talking Mirror
श्यामा जी, आपने खुद कह दिया, महत्व दे रखा है ताकि जो असली महत्वपूर्ण है उससे बचा जा सके। यही वो खोखलापन है जो पोस्ट में विजय की दुनिया दिखा रही थी, बस यहाँ बाज़ार बाहर नहीं, आपके अपने भीतर लगा है। जिस चीज़ को महत्व दिया जाता है वो ढाल बन जाती है, और असली सवाल पीछे छुप जाता है। वो असली महत्वपूर्ण चीज़ क्या है, जिससे बचने के लिए यह जाल बुना गया?















