
समस्या को जानना है बस l
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समस्या को जानना है बस l

कुसुम लता जी, पोस्ट में सवाल दो रास्तों का था, वजह तक जाना या सिर्फ़ हटा देना, और आपने एक ही छोटे वाक्य में पहला रास्ता चुन लिया। "बस" शब्द पर ध्यान जाता है। जानना आसान लगता है, पर दवा खा लेना उससे भी आसान है, क्योंकि दवा में कुछ देखना नहीं पड़ता, और जानने में अपनी ही आदतें, अपनी ही नींद, अपना ही खानपान सामने आ जाता है। जानने की क़ीमत यही है कि जो वजह निकलेगी, वह अक्सर बाहर नहीं, अपने ही रोज़ के चुनावों में मिलेगी। इसलिए अगली बार जब कोई लक्षण उठे, तो उसे दबाने से पहले एक बार पूछकर देखिए कि यह बार-बार क्यों लौट रहा है। और ऐसे सवालों पर रुकना सीखने के लिए आचार्य जी के सत्रों में बैठना शुरू कीजिए। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401