
मैं अभी 19 वर्ष की हुं , कुछ साल पहले 17 साल की उम्र में मेरा operation हुआ फिर स्थिति तब भी नहीं सुधरी । अभी भी दवाइयों के सहारे हूं। मैने आचार्य जी को सुनना शुरू इसीलिए किया था क्योंकि बहुत दुख था पर उन्होंने सिखाया तुम देह के अलावा भी कुछ हो । अभी उनकी शिक्षा से बहुत बदलाव आया है पर अंदर से कुछ है जो मुझे बदलने नहीं दे रहा। बार बार पीछे खींच रहा है। मुझे भी लाश होने से पहले आकाश होना है पर कैसे करु स्थितियां मुझे बार बार गिरा दे रही है ।😭
















