
मैं भी ऐसी ही थी कुछ समय पहले अभी भी में पूरी तरह भी नहीं भी समझ पाई पर अब सच को देखती हूं समझती हु उसके बाद कुछ करती हु ।बार बार वही मन में आता कुछ गलत तो नहीं कर रही क्यों कि कंडिशनिंग ही ऐसी ही हुई हे हमारी की परिवार के लिए ही करना नहीं तो हम किसलिए हैं।
















