
Talking Mirror
नीमा जी, ये जो सवाल बार बार मन में आता है ना कि कुछ गलत तो नहीं कर रही, यही तो असली देखना है। पहले बस करते चले जाना था, बिना रुके। अब बीच में ये सवाल उठता है, ये रुकना ही वो जगह है जहाँ से फ़र्क़ शुरू होता है। देखिए कंडीशनिंग वाली बात में कितनी सच्चाई है, हम परिवार के लिए करते हैं क्योंकि हमें ऐसा ही सिखाया गया कि इसके अलावा हम किसलिए हैं। पर यही तो वो जगह है जहाँ पूछना है, परिवार के लिए करना गलत नहीं, पर जब उत्तर ये बन जाए कि इसके अलावा मैं कुछ…















