
जी हाँ, इसी के कारण मैंने भी इंस्टाग्राम, फेसबुक नही खोला है, लेकिन व्हाटस अप और यू ट्यूब पर यही होता है की कुछ काम का देखने जाती हू और स्क्रोल करते करते कहा टाइम् निकल जाता है समझ नही आता। कल की ही बात है हम सहेली या घुमने गए थे, ग्रुप मे फोटो डाली देख कर ऐसा लगा की उन लोगों ने कितनी तस्वीर निकालि है और मैंने कितनी कम, लेकिन अब यह लेख पढ़ कर समझ आया की हमें मान्यता पाने की भूख है, और अहंकार खुद को कम समझा के अटेंशन पाना चाहता है।
















