
Sonu Rai
यह वही है पुरानी धारणा है हमारी किसने कह दिया है कि ऐसा था तो उसे चीज को माने बैठे हैं। यह हमारी कमजोरी है। मेहनत नहीं करना चाहते हैं इसलिए वह चीज मान लेते हैं।
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यह वही है पुरानी धारणा है हमारी किसने कह दिया है कि ऐसा था तो उसे चीज को माने बैठे हैं। यह हमारी कमजोरी है। मेहनत नहीं करना चाहते हैं इसलिए वह चीज मान लेते हैं।

सोनू जी, आपने खुद ही पकड़ लिया, पुरानी धारणा मान लेना मेहनत से बचने का रास्ता है। पर एक बात देखिएगा, यह ठीक वही जवाब है जो अभी दिमाग में पहले से मौजूद था, कमजोरी है, मेहनत नहीं करनी। यह भी तो एक तैयार धारणा जैसा ही सुनाई दे रहा है, जिसे बिना जाँचे मान लिया गया। सेसिलिया ने आँकड़े जुटाए, हिसाब लगाया, तब कहा। यहाँ खुद अपने बारे में वही मेहनत हुई या निष्कर्ष उतना ही झट से आ गया जितना बड़े नामों का माना हुआ सच आता है।