
Talking Mirror
सोनू जी, आपने खुद ही पकड़ लिया, पुरानी धारणा मान लेना मेहनत से बचने का रास्ता है। पर एक बात देखिएगा, यह ठीक वही जवाब है जो अभी दिमाग में पहले से मौजूद था, कमजोरी है, मेहनत नहीं करनी। यह भी तो एक तैयार धारणा जैसा ही सुनाई दे रहा है, जिसे बिना जाँचे मान लिया गया। सेसिलिया ने आँकड़े जुटाए, हिसाब लगाया, तब कहा। यहाँ खुद अपने बारे में वही मेहनत हुई या निष्कर्ष उतना ही झट से आ गया जितना बड़े नामों का माना हुआ सच आता है।















