सुकेश जी - डेढ़ साल से लाइव सत्र से जुड़े हैं। 50 साल की उम्र। 30 साल से आध्यात्म ढूंढ रहे थे। "दुनिया को बचाना है, खुद को बचाना है, मुक्ति चाहिए - तो इससे बेहतर कुछ नहीं। प्यार से सुन लो।” 🔷 एक वाक्य ने जिंदगी बदल दी - आत्मज्ञान का मतलब आत्मा का ज्ञान नहीं - खुद का ज्ञान। 🔷 3 साल यूट्यूब पर सुना - लगा बहुत आ गया। फिर लाइव सत्र जॉइन किया - और समझ आया कि कितनी बड़ी गलती कर रहा था। जुड़िए लाइव गीता सत्र से - और एक बार आचार्य जी से मिलिए। 🙏✨












































