
एक कमजोर मां से एक मजबूत मां बनने तक का सफर ✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️ मैं बहुत ही कमजोर थी, आंतरिक रूप से । छोटी-छोटी बातों पर रोना-धोना शुरू कर देती थी और उसका जिम्मेदार हमेशा दूसरे लोगों और परिस्थितियों को समझती थी। इस कारण बहुत जादा डरपोक भी होती जा रही थी। सही बात भी डर के मारे बोली नहीं जाती थी, एक आवाज नहीं निकलती थी,और इसी वजह से लोग मुझे दबाते जाते थे, मेरा शोषण करते रहते थे। ये काफ़ी सालों तक रहा और उसके परिणामस्वरूप मेरे भीत…









































