
मेरी बेटी 10साल की है वो स्कूल की तरफ से जूडो खेलने के लिए गुजरात गई है और आज उसने bronze medel जीता है। बेटी पहली बार इतनी दूर अकेले गई है पहले तो डर लगा था फिर बाद में आचार्य जी की बात याद आ गई कि वो क्या है जिसे हम बचाना चाहते हैं अतीत को ही तो। कल के सत्र में ही ये बात हुई थी कि हम अतीत ही हमारा वर्तमान बनता है और अतीत ही भविष्य। हमें इतनी हिम्मत देने की बहुत बहुत धन्यवाद आचार्य जी 🙏 साथ में बेटी का video पोस्ट कर रही हूं ✨



















