
मेरे हिसाब से हमें सिर्फ़ ग्रीन कार्ड नहीं चाहिए, उसके साथ एक सुरक्षित और निश्चित भविष्य की उम्मीद भी जुड़ी हुई है। हम सोचते हैं कि ग्रीन कार्ड मिल जाएगा तो ज़िंदगी की परेशानियाँ कम हो जाएँगी और भविष्य की चिंता नहीं रहेगी। लेकिन भविष्य कभी पूरी तरह निश्चित नहीं हो सकता। हम अपने मन से तय कर लेते हैं कि ज़िंदगी ऐसी होनी चाहिए, तभी हम सुरक्षित रहेंगे। ज़रूरत भविष्य को निश्चित करने की नहीं, बल्कि अपने डर को समझने की है।
















