
मैने आज तक जो भी जांचा वही जांचा जो लोकधर्म ने जांचने को कहा, मुझे जिंदगी को ऐसे देखना जैसे आपने सिखाया वो आइना किसी ने पहले दिया ही नहीं, अभी बस आपको सुन रही हूं खुद को देख रही हु, करना अभी भी बाकी है, जो जितना कर रही हूं वो बिल्कुल sufficient नहीं है, इतने से काम चलेगा नहीं।

















