
ये प्रश्न यही तक नहीं रुकता है । एक स्त्री को मानव को मन नहीं जाता है अगर वो सदी नहीं करती तो जरूर उसका कोई चक्कर है तभी शादी नहीं कर रही है । ये भी छोड़ो घर वालों को समझ की इतनी चिंता होती है वो भूल जाते है बच्चे हमारे है या हमने उन्होंने सिर्फ समाज में खुद ने नाम और इज्जत के लिए ही पैदा किया है । अगर कभी कोई स्त्री खुद के ज्ञान और शिक्षा के बल पर कोई निर्णय ले ले तो ....न जाने क्या क्या कह कर कहा जाता है ...
















