सर्वेश जी - लखनऊ से हैं। एक कंपनी में मैनेजर हैं। 5 साल से आचार्य जी को सुन रहे हैं। "यह अवसर अगर किसी ने दिया है तो आचार्य जी ने दिया है। पूरे परिवार के साथ आइए" 🔷 पहले महिला, जाति और पशु - सबको एक श्रेणी में रखते थे। आचार्य जी ने वेद, उपनिषद और गीता तक पहुंचाया। लोक धर्म कटा तो पत्नी को मित्र की तरह देखने लगे। घर का कलह खत्म हुआ। 🔷 पत्नी ने डेढ़ साल पहले खुद का काम शुरू किया। जो महिला घर से नहीं निकलती थी - अब अकेले कहीं भी जाने को तैयार ह…










































