
🍁जब चोट बहुत बड़ी हो, तो बदला भी न्याय जैसा दिखाई देने लगता है। व्यक्ति को लगता है कि वह गलत के खिलाफ खड़ा है, जबकि कहीं वह अपनी ही चोट का हिसाब बराबर कर रहा होता है। इस बात से अहंकार की चाल को समझने में मदत मिलती है कि कई बार अहंकार गलत बात को सच का मुखौटा 🎭 पहनकर खड़ा कर देता है ताकि वो बचा रहे। साथ ही साथ ये भी जताता है कि आपकी कोई गलती नहीं आप बिल्कुल सही कर रहे हो ओर अगर ये नहीं करोगे तो कायर, कहलाओगी। 🍃न्याय में अपराध और आरोप के बीच फर्क…
















