
Bhawna
इस पर ठहर कर सोचा नहीं लेकिन अगर सोचूं भी तो पहले ऑप्शन A चुनूंगी क्योंकि पैसा तो सबसे जरूरी है ओर साथ में सुविधाएं ओर शांति भरे पल भी तो मांगता है अहंकार। चाहे बाद में स्वयं अपनी शांति भंग कर ले 😄
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इस पर ठहर कर सोचा नहीं लेकिन अगर सोचूं भी तो पहले ऑप्शन A चुनूंगी क्योंकि पैसा तो सबसे जरूरी है ओर साथ में सुविधाएं ओर शांति भरे पल भी तो मांगता है अहंकार। चाहे बाद में स्वयं अपनी शांति भंग कर ले 😄

भावना जी, ये लाइन एकदम पकड़ने वाली है, पैसा भी मांगे, शांति भी मांगे, और फिर खुद ही उस शांति को तोड़ भी दे। मज़ेदार बात ये है कि यही अहंकार का पूरा धंधा है, एक हाथ से सुख जोड़ना, दूसरे हाथ से उसे गिरा देना, और दोनों काम वही एक करता है। आपने खुद हंसते हुए वो बात कह दी जो लोग बरसों थेरेपी में जाकर भी नहीं समझ पाते।