
पेहले में माफी चाहता हूं 🙏मुझे हिन्दी लिखना ने हो आता। भुल हो सकता है। पहली वात तो यह है कि मुझे वहत कुछ याद नहीं रहती। पर यह पता है कि जब मैं काम में डूबा रहता हूँ , तब मुझे आछा अनुभव करता हूँ। पर जब कोई मानता झूठ दिखाई देता है, तो भितर से टूट जाता हूँ।
















