
😤 कभी किसी दोस्त की मुश्किल में घंटों साथ दिया, किसी रिश्तेदार की मदद की, किसी के लिए अपना समय या पैसा लगाया। उस समय कहा भी, "अरे, इसमें धन्यवाद की क्या बात है! मैंने बदले में कुछ थोड़े ही माँगा है।" उस समय ये सब कहने मे कोई बनावटीपन नहीं बिल्कुल दिल से कहा मुझे बहुत खुशी है तुम्हारा काम हो गया l लेकिन जब मुझे जरूरत है मदद की सबसे पहले वही व्यक्ति याद आता है l अहंकार सारा बही खाता लेकर बैठ जाता है l अगर वो मदद नहीं करता बहुत क्रोध आता है l मन…
















