
आज हमारे कॉलेज में खेलो की प्रतियोगिता थी, जिसमें Long Jump का भी आयोजन किया गया था, मैं पहले इसकी प्रैक्टिस करता था, लेकिन आज मैने उसमें भाग नहीं लिया, अभी भी बुरा महसूस हो रहा है, कि मैने ऐसा क्यों नहीं किया। मैने धारणा बना ली कि अब प्रेक्टिस किए बहुत समय हो गया है,नहीं खेलना चाहिए। उस धारणा ने हटने का बहाना दे दिया। दूसरे की नजर से देखने पर यही समझ आता है कि भाग ले लेना चाहिए था, और खुद भी समझता हूं कि भाग तो लेना ही चाहिए था, परिणाम अपन हाथ…
















