
Q 1) मैं जो मान रहा हूँ, क्या मैंने उसे सच में देखा है? ... जो चीजे पहले ही मान ली जाती है उनको बाद में कोई सच में देखना नहीं चाहता क्योंकि उसे अपने भ्रम टूटने का बाय होता है । Q 2) मैं बस वही देख रहा हूँ, जिसे मैं पहले से सच मान चुका हूँ? 🌱 पहले ज्यादातर मामलों में ऐसा ही होता था, जिसे मन सच मान लेता उसकी जाँच पड़ताल नही कर्ता । किन्तु अब मैं खुद के भीतर लगातार देखने की कोशिश कर रही हूं।।
















