
मेरा प्रश्न ये है कि क्या मैं अपने जीवन में कभी कोई विशेष कार्य करूंगी या नहीं? क्योंकि मैने किसी को कहते हुए सुना था कि सबका जन्म किसी विशेष कार्य को करने के लिए होता है तो मैं सोचती थी कि क्या मैं भी कभी कोई विशेष कार्य करूंगी। ये जानने के लिए मैं श्री मद भगवद्गीता पढ़ना चाहती थी। क्योंकि किसी ने कहा था कि गीता में हमारे सारे प्रश्नों के उत्तर मिल जाते हैं चाहे जो भी प्रश्न हो। और इसलिए मैं आचार्य जी से भी जुड़ी।
















