
“मैंने पहली बार कोई देखा है जो अपनी जॉब से खुश है!” कल तबियत थोड़ी ठीक नहीं थी और मैं लेट भी हो गई थी स्केटिंग क्लास के लिए तो बैठकर सोचने लगी जाऊँ या न जाऊँ। Calculations करने लगी। फिर पिछला श्रीमद्भगवद्गीता का सत्र याद आ गया, बैग उठाया और निकल गई। जाते ही कोच ने कहा कि मैंने आपके स्टेटस पर देखा, वो कौनसी खिलाड़ी (सुचिका तरियाल जी) आई थीं आपके सत्रों में? उसके बाद पूछने लगे सत्रों के बारे में, कैसे जॉइन करते हैं, मैं क्या करती हूँ संस्था…













































