
Amaresh Gupta
आचार्य जी के सत्र द्वारा बताये गये गीता सार से अंदर ही अंदर अहंकार कुछ टूटता है उसपर गहरी चोट लगती है। जो दिखता नहीं बस अपना काम करता है अहंकार के विगलन का काम। जिसका परिणाम हमारे कार्य करने, सोचने के तरीके से प्रकट होता है ।
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