
मैं भी बच्चे आने से पहले तैयारी कर रही थी लेकिन अब अपने पति को पटवारी के पद पर दिन भर भ्रष्टाचारी व्यस्था के बीच पिसते हुए देखती हूं और इतने सारे नियमों का पालन करते हुए देखती हूं बिना खुद का दिमाग लगाए, तो मैं संशय में आ जाती हूं मैं यह देखते हुए भी इस गढ्ढे में क्यों जाऊं? पर एक कोने में पद और सम्मान की चाह आज भी जिंदा है।
















