शीतल जी - ट्यूशन टीचर हैं। डेढ़ साल से गीता कम्युनिटी से जुड़ी हैं। "काम वही है - पर गीता सत्रों को सुनते-सुनते उसमें ज़्यादा स्पष्टता आने लगी" 🔷 अकेले रहना सीखा। खुद कमाई शुरू की। पहले बस जरूरतें पूरी करने के लिए पढ़ाती थीं - अब उसी काम में सच्चा मजा आने लगा। 🔷 टेंशन अभी भी हैं - पर गीता कम्युनिटी एक अच्छा सहारा बन गई है। 24 घंटे कुछ न कुछ एक्टिविटी - रिकॉर्डिंग - हमेशा साथ है। जुड़िए गीता कम्युनिटी से - और अपने काम में अर्थ खोजिए। 🙏✨


































