मैं भी अपने गांव में ही पढ़ाता था ,लेकिन मैं संस्था में outreach के लिए आ गया, एक महीने…
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Vikash Kumar
मैं भी अपने गांव में ही पढ़ाता था ,लेकिन मैं संस्था में outreach के लिए आ गया, एक महीने किया भी लेकिन मैं यहाँ पूरा दिल से नहीं कर सका और अभी मैं घर से दूर गीता प्रतिभागियों के साथ bookstall जाता हूँ।