
मैंने अपने जीवन में लगभग 1995 से तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन शुरू किया था। उस समय मैं नौवीं कक्षा में पढ़ता था। धीरे-धीरे यह मेरी आदत बनती चली गई। उस समय शायद मुझे यह समझ भी नहीं थी कि मैं अपने शरीर और मन के साथ क्या कर रहा हूँ। कई वर्षों तक मैं इस आदत में उलझा रहा। कभी यह नहीं सोचा कि आखिर मुझे नशे की आवश्यकता क्यों पड़ती है? मैं अपने भीतर ऐसी कौन-सी परिस्थिति या बेचैनी महसूस करता था, जिससे बचने के लिए नशे का सहारा लेता था? जब मैं आचार…
















