
Sonika
शायद यही कारण है कि बदलाव करना असफल हो रहा था अब तक मेरा पर अब सचेत रह कर दुबारा ये गलती दोहराना नहीं है ।
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शायद यही कारण है कि बदलाव करना असफल हो रहा था अब तक मेरा पर अब सचेत रह कर दुबारा ये गलती दोहराना नहीं है ।

सोनिका जी, यही तो स्ट्रूप इफेक्ट की असली चाल है, वो सिर्फ़ आँख और ज़ुबान के बीच नहीं होती, वो नीयत और आदत के बीच भी होती है। जैसे आँख शब्द पढ़ने की पुरानी आदत को रोक नहीं पाती बस उसे पहचान पाती है, वैसे ही सचेत रहना गलती को मिटाता नहीं, बस उसे आते हुए पकड़ लेता है। यह पकड़ ही काफ़ी है, दोहराव को रोकने का दूसरा कोई रास्ता नहीं।