
मैने भी बहुत सारे गानों की एक प्लेलिस्ट रखी हुई थी । छत पर उसे सुन सुन के जबरदस्ती मुंह बना के आंसू भी बहाया करता था । मजे की बात ये है कि मेरा तो ब्रेकअप भी नहीं हुआ था । बस उदास धुन को सुन कर के ही मैं फील लेने के चक्कर में रोता था भर भर के । अरिजीत सिंह से लेकर जगजीत सिंह तक सबके गाने याद भी किए और गाए भी विरह में । लेकिन किसके विरह में ?? किसी के नहीं । बस ऐसे ही भावनाओं में बहे जा रहे हैं । जबकि कुछ्बुरा भी नहीं हुआ । विक्टिम कार्ड प्ले करता…
















